उत्तराखंड में घरेलू LPG वालों को राहत: e-KYC की तारीख बढ़ी, गैस एजेंसियों ने जारी की एडवाइजरी
उत्तराखंड के लाखों घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। घरेलू LPG कनेक्शन की
बायोमेट्रिक e-KYC कराने की जो अंतिम तारीख पहले 16 अगस्त 2026 तय की गई थी, उसे अब बढ़ाकर 23 अगस्त 2026 कर दिया गया है। भारत सरकार और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने उन लाखों उपभोक्ताओं को राहत देते हुए यह फैसला लिया है, जो अब तक अपने कनेक्शन का सत्यापन पूरा नहीं करा पाए थे।
क्या था पूरा मामला?
सरकार और गैस कंपनियों ने LPG वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और सही व पात्र उपभोक्ताओं तक घरेलू दर पर सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने के मकसद से देशभर में e-KYC अभियान चलाया है। उत्तराखंड में भी जिला पूर्ति विभाग और गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से बार-बार अपील की थी कि वे तय समय से पहले अपना सत्यापन करा लें।
देहरादून जिले की बात करें तो यहां कुल मिलाकर करीब 7 लाख 16 हजार से ज्यादा घरेलू गैस कनेक्शन हैं। इनमें से 15 अगस्त तक करीब 5 लाख 57 हजार उपभोक्ता अपनी e-KYC पूरी करा चुके थे, जबकि करीब 1 लाख 59 हजार उपभोक्ताओं का सत्यापन बाकी था। इसी तरह चमोली, कर्णप्रयाग और अन्य पहाड़ी इलाकों में भी हजारों उपभोक्ताओं की e-KYC अधूरी होने की जानकारी सामने आई थी। इन्हीं आंकड़ों को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक और मौका देते हुए डेडलाइन को एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया।
नई डेडलाइन: 23 अगस्त 2026
अब उत्तराखंड सहित पूरे देश में घरेलू LPG उपभोक्ता 23 अगस्त 2026 तक अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। हालांकि e-KYC से जुड़ी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज गैस कंपनी और स्थानीय व्यवस्था के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी संबंधित गैस एजेंसी से सही और ताजा जानकारी जरूर ले लें।
e-KYC न कराने पर क्या होगा असर?
गैस एजेंसियों और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि e-KYC पूरी न होने से किसी का गैस कनेक्शन स्थायी रूप से रद्द नहीं होगा, लेकिन इसका सीधा असर उपभोक्ता की जेब पर पड़ सकता है। इंडियन ऑयल की ओर से भेजे गए संदेशों के मुताबिक जिन उपभोक्ताओं ने सत्यापन पूरा नहीं कराया है, वे तब तक घरेलू (सब्सिडी वाली) दर पर सिलेंडर पाने के हकदार नहीं रहेंगे, जब तक वे अपनी e-KYC पूरी नहीं कर लेते। यानी सत्यापन न होने की स्थिति में कनेक्शन को अस्थायी रूप से निष्क्रिय श्रेणी में रखा जा सकता है और उपभोक्ता को व्यावसायिक (महंगी) दर पर सिलेंडर लेना पड़ सकता है।
संक्षेप में समझें तो:
कनेक्शन पूरी तरह रद्द नहीं होगा
लेकिन सस्ती घरेलू दर पर सिलेंडर मिलना बंद हो सकता है
सत्यापन तक व्यावसायिक दर पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है
भविष्य में सिलेंडर की सप्लाई में देरी या दिक्कत आ सकती है
e-KYC कैसे कराएं?
उपभोक्ताओं के लिए e-KYC कराने के कई आसान तरीके उपलब्ध हैं:
गैस एजेंसी जाकर: अपनी संबंधित गैस एजेंसी में जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए सीधे e-KYC कराई जा सकती है।
मोबाइल ऐप के जरिए: जिस भी कंपनी (इंडेन, भारत गैस, HP गैस) का कनेक्शन है, उसके आधिकारिक मोबाइल ऐप पर जाकर भी यह प्रक्रिया घर बैठे पूरी की जा सकती है।
डिलीवरी स्टाफ की मदद से: कई जगहों पर सिलेंडर पहुंचाने वाले कर्मचारी भी मौके पर e-KYC कराने में मदद कर रहे हैं।
स्टेटस चेक करें: उपभोक्ता ऐप पर या अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करके अपनी e-KYC का मौजूदा स्टेटस भी जान सकते हैं।
गैस एजेंसियों की एडवाइजरी
उत्तराखंड में जिला पूर्ति विभाग और गैस एजेंसियों ने संयुक्त रूप से एडवाइजरी जारी करते हुए उपभोक्ताओं से आखिरी तारीख का इंतजार न करने की अपील की है। एजेंसियों का कहना है कि अंतिम समय में भीड़ बढ़ने से सत्यापन में देरी हो सकती है, इसलिए जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक e-KYC नहीं कराई है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करा लेनी चाहिए ताकि आगे गैस सिलेंडर की आपूर्ति में कोई परेशानी न हो।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, उत्तराखंड के घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए यह डेडलाइन एक्सटेंशन एक अच्छी खबर है, खासकर उन लाखों लोगों के लिए जो अब तक किसी वजह से अपना सत्यापन पूरा नहीं करा पाए थे। हालांकि राहत मिलने के बावजूद उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे 23 अगस्त 2026 की नई समयसीमा से पहले ही अपनी e-KYC पूरी करा लें, ताकि सस्ती दर पर घरेलू गैस सिलेंडर मिलना जारी रहे और भविष्य में किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
नोट: e-KYC से जुड़े नियम और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकते हैं। सटीक और ताजा जानकारी के लिए अपनी संबंधित गैस एजेंसी या कंपनी के आधिकारिक ऐप/वेबसाइट से जरूर संपर्क करें।
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